
समितियों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए खाद्य विभाग का कड़ा फैसला
पहले केवल मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए तौल पर्ची कट जाती थी, लेकिन अब केवल ओटीपी से सत्यापन की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
घर बैठे दूसरों के मोबाइल पर ओटीपी मंगाकर अन्य राज्यों का अवैध धान खपाने वाले बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए यह सख्त नियम लागू हुआ है।
खरीदी केंद्र पर तौल से पहले किसान को पीओएस मशीन पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंख) स्कैन से अपनी भौतिक मौजूदगी दर्ज करानी होगी।
यदि पंजीकृत किसान बीमार, वृद्ध या असमर्थ हैं, तो केवल वही व्यक्ति धान बेच सकेगा जिसका नाम पंजीयन के समय अधिकृत 'नॉमिनी' के रूप में दर्ज किया गया हो।
टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही केंद्र पर धान लाएं। टोकन मात्रा से कम या ज्यादा लाने पर शेष कोटा लैप्स या प्रभावित होने का जोखिम रहेगा।
सरकारी समर्थन मूल्य का पूरा लाभ पाने के लिए धान सूखा, साफ-सुथरा और कचरा रहित होना अनिवार्य है। अधिक नमी होने पर तुलाई रोकी जा सकती है।
केंद्र पर जाने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका आधार एक्टिव है और फिंगरप्रिंट सही काम कर रहा है। सभी ताजा मंडी भाव व सरकारी अपडेट्स eBhav.in पर देखें।