उत्तर प्रदेश में खेती-किसानी करने वाले ज्यादातर किसान 1 से 3 एकड़ जोत वाले छोटे और सीमांत किसान हैं। आज के समय में जब जुताई से लेकर फसलों की ढुलाई तक हर काम मशीन से हो रहा है, तब 7 से 8 लाख रुपये का बड़ा ट्रैक्टर खरीदना आम किसान के बस की बात नहीं होती। ऊपर से बड़ा ट्रैक्टर 1 घंटे में 4 से 5 लीटर डीजल पी जाता है और संकरी क्यारियों या गन्ने-सब्जी की लाइनों में घुस भी नहीं पाता।
इसी जमीनी परेशानी को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग (राष्ट्रीय बागवानी मिशन – MIDH) और कृषि विभाग मिलकर छोटे किसानों को मिनी ट्रैक्टरों पर तगड़ा अनुदान दे रहे हैं। इसके तहत 20 हॉर्स पावर (HP) तक के मिनी ट्रैक्टर की खरीद पर अधिकतम ₹1,00,000 (1 लाख रुपये) की सीधी सब्सिडी मिल रही है। वहीं जो किसान ट्रैक्टर के बजाय पावर टिलर लेना चाहते हैं, उन्हें ₹75,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है।
उद्यान विभाग की इस योजना में 20 HP ट्रैक्टर ही क्यों?
अक्सर किसान भाई पूछते हैं कि सरकार 20 HP के छोटे ट्रैक्टर पर ही यह खास छूट क्यों दे रही है? इसकी मुख्य वजह हमारे खेतों की जरूरत है:
- सब्जी और आलू की खेती में मुफीद: पश्चिमी यूपी के आगरा, अलीगढ़ से लेकर पूर्वांचल के बाराबंकी और वाराणसी तक जो किसान आलू, गोभी, टमाटर, मटर और तरबूज की खेती करते हैं, उनके लिए बड़ा ट्रैक्टर नुकसानदायक होता है क्योंकि उसके बड़े टायर पौधों को कुचल देते हैं। 20 HP का मिनी ट्रैक्टर दो मेड़ों (गुलों) के बीच आसानी से निकल जाता है।
- गन्ने की संकरी लाइनों में जुताई: गन्ने की बुवाई के बाद बीच की खाली जगह में खरपतवार निकालने और मिट्टी चढ़ाने का काम यह छोटा ट्रैक्टर बहुत तेजी से कर देता है।
- डीजल की भारी बचत: बड़ा ट्रैक्टर जहां घंटे भर में ₹350 से ₹450 का डीजल खाता है, वहीं 20 HP का ट्रैक्टर मात्र 1.2 से 1.5 लीटर डीजल प्रति घंटे में जुताई, रोटावेटर और स्प्रे पंप चला देता है।
सब्सिडी का पूरा गणित: किसान को अपनी जेब से कितने रुपये लगाने होंगे?
आइए इसे सीधे और साफ आंकड़ों में समझते हैं ताकि किसी बिचौलिए या डीलर के बहकावे में न आना पड़े:
- 20 HP कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर का बाजार भाव: लगभग ₹3,20,000 से ₹3,50,000 (महिंद्रा जीवो, कैप्टन, वीएसटी या आयशर 188 जैसे मॉडल)।
- उद्यान विभाग की सब्सिडी: ₹1,00,000 (सीधे किसान के बैंक खाते में DBT द्वारा)।
- किसान की वास्तविक लागत: लगभग ₹2,20,000 से ₹2,50,000।
यदि आपके पास तुरंत ₹2.20 लाख नकद नहीं हैं, तो चिंता की बात नहीं है। किसान भाई इसे अपने नजदीकी बैंक से कृषि लोन पर ले सकते हैं।
बैंक लोन और ब्याज दर की जरूरी हकीकत
ट्रैक्टर फाइनेंस कराते समय किसानों को सबसे ज्यादा ठगी ब्याज दरों में होती है। इस बात को गांठ बांध लें:
- सरकारी बैंक से ही कराएं फाइनेंस: एसबीआई (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) या बैंक ऑफ बड़ौदा से कृषि ट्रैक्टर लोन 7% से 11% वार्षिक साधारण ब्याज पर मिल जाता है, जिसकी किस्त 3 से 5 साल में आसानी से चुक जाती है।
- प्राइवेट कंपनियों (NBFC) से बचें: कई प्राइवेट फाइनेंस वाले जल्दी लोन देने के नाम पर 18% से 24% तक भारी चक्रवर्ती ब्याज लगा देते हैं, जिससे किसान कर्ज के जाल में फंस जाता है। हमेशा सरकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आर्यावर्त बैंक, प्रथमा बैंक आदि) का ही रुख करें।
20 HP मिनी ट्रैक्टर बनाम बड़ा ट्रैक्टर: तुलनात्मक टेबल
| पहलू | 20 HP मिनी ट्रैक्टर | 45-50 HP बड़ा ट्रैक्टर |
|---|---|---|
| अनुमानित कीमत | ₹3.20 लाख से ₹3.50 लाख | ₹7.00 लाख से ₹8.50 लाख |
| सरकारी अनुदान | ₹1,00,000 की सीधी छूट | केवल कस्टम हायरिंग सेंटर/समूह पर |
| डीजल खपत प्रति घंटा | 1.2 से 1.5 लीटर (बेहद किफायती) | 4.0 से 5.0 लीटर (काफी महंगा) |
| खेत में उपयोग | सब्जियां, बागवानी, गन्ना गुड़ाई, ट्रॉली ढुलाई | गहरी जुताई, लेजर लैंड लेवलर, कंबाइन हार्वेस्टर |
पात्रता: किन किसान भाइयों को मिलेगा लाभ?
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी और पंजीकृत किसान होना चाहिए।
- किसान के पास अपने नाम से कृषि भूमि की वैध खतौनी होनी चाहिए।
- लघु, सीमांत, महिला किसानों और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
- आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में उद्यान या कृषि विभाग से ट्रैक्टर पर कोई अनुदान न लिया हो।
- बैंक खाता आधार से लिंक और NPCI (DBT) सक्रिय होना अनिवार्य है।
कौन-कौन से दस्तावेज साथ रखने होंगे?
- आधार कार्ड की प्रति
- जमीन की प्रमाणित खतौनी (भूलेख नकल)
- बैंक पासबुक (जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड साफ दिखे)
- पासपोर्ट साइज फोटो और चालू मोबाइल नंबर
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन और टोकन की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में अब किसी भी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है:
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल agriculture.up.gov.in अथवा उद्यान विभाग के पोर्टल uphorticulture.gov.in पर जाएँ।
- पोर्टल पर ‘यंत्र बुकिंग एवं टोकन व्यवस्था’ विकल्प चुनें।
- अपना किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें और यंत्रों की सूची में से ’20 HP ट्रैक्टर’ अथवा ‘पावर टिलर’ का चयन करें।
- टोकन कंफर्म करने के लिए निर्धारित सुरक्षा राशि (चालान या ऑनलाइन) जमा करें।
- टोकन मंजूर होने के बाद अपनी पसंद के किसी भी अधिकृत कंपनी डीलर से ट्रैक्टर खरीदें और बिल, चालान पोर्टल पर अपलोड करें।
- कृषि/उद्यान विभाग की टीम द्वारा भौतिक सत्यापन (भौतिक निरीक्षण) होने के बाद ₹1 लाख की सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाएगी।
चौपाल चर्चा – काम की सीधी बात:
अगर आपकी जोत 2 से 4 एकड़ है, तो 50 हॉर्स पावर का हाथी पालने की कतई जरूरत नहीं है। 20 HP का छोटा ट्रैक्टर आपके खेत की जुताई, रोटावेटर चलाने, कीटनाशक छिड़कने और मंडी तक उपज ढोने के सारे काम आधे डीजल खर्च में कर देगा। ₹1 लाख की सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाकर इसे अपने नाम जरूर कराएं।